यू.पी. पी.सी.एस.

उत्तर प्रदेश पी.सी.एस. परीक्षा

राज्य प्रशासनिक अधिकारियों की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इसका आयोजन राज्यलोक सेवा आयोग द्वारा किया जाताहै। यह सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के लिए सबसे प्रतीक्षित नौकरी सूचनाओं में से एक है। इस परीक्षा का आयोजन तीन चरणों में किया जाता है| प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) के लिए उपस्थित होना होगा। रिक्तियों के आधार परशॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को राजपत्रित अधिकारियों के रूप में प्रदेश के किसी भी सरकारी विभाग में तैनात किया जाता है।

एग्जाम नोटीफिकेशन

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रति वर्ष पीसीएस के अंतर्गत रिक्त पदोंकी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करता है।अधिसूचना में सभी संबंधित जानकारी जैसे- रिक्तियों की संख्या, पाठ्यक्रम, अर्हता, आयु सीमा, परीक्षा पैटर्न आदि शामिल होते हैं।इस प्रकार, आधिकारिक अधिसूचना को ठीक से पढ़ना आवश्यक होता है।

एग्जाम पैटर्न

यू.पी. पी.सी.एस. परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए, परीक्षा पैटर्न और इससे संबंधित विस्तृत पाठ्यक्रम को जानना आवश्यक है। इससे आपको इस परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलेगी। इस परीक्षा में पूर्ण सफलता सुनिश्चित करने के लिए, यह आवश्यक है कि समय-समय पर परीक्षा पैटर्न में बदलाव तथा अन्य संबंधित विवरणों से अवगत हों। यूपी पीसीएस परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार)।विभिन्न पदोंपर चयनित होने के लिए उम्मीदवार को परीक्षा के प्रत्येक स्तर में सफलता प्राप्त करना अनिवार्य है।

  • यूपी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा
  • यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा
  • यूपी पीसीएस व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार)

यूपी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न

उत्तर प्रदेश प्रवर अधीनस्थ सेवाओं (सामान्य भर्ती/ विशेष भर्ती) परीक्षा तथा वन सहायक संरक्षक/ रेंज वन अधिकारी सेवा परीक्षा के लिए प्रारंभिक परीक्षा में दो अनिवार्य प्रश्नपत्र होंगे, जो ओएमआर शीट पर आधारित होगी।

  • प्रत्येक प्रश्नपत्र 200 अंकों का होगा तथा समय सीमा दो घंटे का होगा।
  • दोनों प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार तथा बहुविकल्पीय होंगे, जिसमें जीएस -1 में 150 प्रश्न और जीएस -2 (CSAT) में 100 प्रश्न होंगे।
प्रश्नपत्र समय प्रश्नों की संख्या
प्रश्नपत्र-1
9.30-11.30 अपरान्ह
150
प्रश्पत्र-2 (क्वालीफाइंग)
2.30- 4.30 पूर्वान्ह
100
  • यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा पैटर्न

    पीसीएस मुख्य परीक्षा में 8 प्रश्नपत्र (सामान्य हिंदी, निबंध, 4 सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र और उम्मीदवार द्वारा चयनित किसी एक वैकल्पिक विषय के 2 प्रश्नपत्र) होंगे। सभी प्रश्नपत्र लिखित प्रकृति के होंगे।लिखित परीक्षा में निम्नलिखित अनिवार्य और वैकल्पिक विषय शामिल होंगे।उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषयों की सूची में से किसी एक विषय का चयन करना होगा जिसमें 200 अंकों के दो प्रश्नपत्र होंगे।

खंड अंक
हिंदी
150 अंक
निबंध
150 अंक
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र -I
200 अंक
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र -II
200 अंक
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र –III
200 अंक
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र –VI
200 अंक
वैकल्पिक प्रश्नपत्र -I
200 अंक
वैकल्पिक प्रश्नपत्र -II
200 अंक

योग्यता

शैक्षिक योग्यता

  • सभी उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।
  • विशिष्ट पदों के लिए शैक्षिक योग्यता अलग होगी।
पद का नाम योग्यता
उप रजिस्ट्रार, सहायक अभियोजन अधिकारी (ट्रांसपोर्ट)
विधि स्नातक
ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी / सहायक डीआईओएस और अन्य समकक्ष प्रशासनिक पद, जिला प्रशासनिक अधिकारी
परा स्नातक
जिला गन्ना अधिकारी, यू.पी.कृषि सेवा समूह "बी" (विकास शाखा)
कृषि स्नातक
जिला लेखा परीक्षा अधिकारी (राजस्व लेखा परीक्षा)
वाणिज्य स्नातक
सहायक नियंत्रक विधिक माप (ग्रेड- I) / सहायक नियंत्रक विधिक माप (ग्रेड- II)
भौतिकी के साथ विज्ञान में स्नातक डिग्री या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री
सहायक निदेशक उद्योग (विपणन), सहायक निदेशक उद्योग (हथकरघा)
परास्नातक डिग्री
सहायक श्रम आयुक्त
एक विषय के रूप में समाजशास्त्र या अर्थशास्त्र के साथ कला में डिग्री या वाणिज्य/विधि स्नातक
जिला कार्यक्रम अधिकारी
समाजशास्त्र या सामाजिक विज्ञान या गृह विज्ञान या सामाजिक कार्य में स्नातक डिग्री
वरिष्ठ व्याख्याता, डायट
परास्नातक डिग्री के साथ बी.एड.
जिला प्रोबेशन अधिकारी
परास्नातक उपाधि
प्राधिकृत अधिकारी / खाद्य सुरक्षा अधिकारी
रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि खाद्य प्रौद्योगिकी या डेयरी प्रौद्योगिकी या जैव प्रौद्योगिकी में स्नातक की उपाधि
सांख्यिकीय अधिकारी
गणित में स्नातकोत्तर उपाधि
सूचना अधिकारी / जिला सूचना अधिकारी / स्क्रिप्ट लेखक / फीचर लेखक / प्रभारी, अंग्रेजी
स्नातक की डिग्री
प्रिंसिपल, सरकारी इंटरमीडिएट कॉलेज(लड़कों या लड़कियों के लिए)
परास्नातक उपाधि
श्रम प्रवर्तन अधिकारी
अर्थशास्त्र या समाजशास्त्र या वाणिज्य के साथ स्नातक की डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा या स्नातकोत्तर उपाधि

आयु सीमा

  • यूपी पीसीएस के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष तथा अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष होनी चाहिए।
  • आयु सीमा मानदंड को पूरा करने वाले उम्मीदवार यूपीपीएससी भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • विभिन्न श्रेणी के अंतर्गत आयु सीमा में छूट के लिए यूपीपीसीएस की आधिकारिक अधिसूचना का अवलोकन करें।

आयु सीमा में छूट

श्रेणी छूट
एस.सी.
5 वर्ष
एसटी
5 वर्ष
ओ.बी.सी.
5 वर्ष
खिलाडियों के लिए
5 वर्ष
राज्य सरकार के कर्मचारी
5 वर्ष
दिव्यांग
15 वर्ष
पूर्व सैनिक
5 वर्ष

चयन प्रक्रिया

पीसीएस (संयुक्त राज्य/प्रवरअधीनस्थ सेवा), सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) के लिए यूपी पीसीएस चयन प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार) तथा मुख्य परीक्षा (पारंपरिक प्रकार, अर्थात लिखित परीक्षा) पर आधारित होगा।

पाठ्यक्रम

प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम

प्रश्नपत्र –I सामान्य अध्ययन- I

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं

उम्मीदवारों से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाओं की जानकारी होने की उम्मीद की जाती है।

  • भारत और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास

इतिहास के अंतर्गत भारतीय इतिहास के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक पक्षों की व्यापक जानकारी पर विशेष ध्यान देना होगा। भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन पर अभ्यर्थियों से स्वतंत्रता आन्दोलन की प्रकृति तथा विशेषता, राष्ट्रवाद का अभ्युदय तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के बारे में सामान्य जानकारी अपेक्षित है।

  • भारत और विश्व भूगोल- भारत का भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल और विश्व

भारत एवं विश्व का भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोलः विश्व भूगोल में विषय की केवल सामान्य जानकारी की परख होगी। भारत का भूगोल के अन्तर्गत देश के भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक भूगोल से सम्बन्धित प्रश्न होंगे।

  • भारतीय राजनीति एवं शासन-संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, लोकनीति, आधिकारिक प्रकरण आदि

भारतीय राज्य व्यवस्था, अर्थव्यवस्था एवं संस्कृति के अन्तर्गत देश के पंचायती राज तथा सामुदायिक विकास सहित राजनीतिक प्रणाली के ज्ञान तथा भारत की आर्थिक नीति के व्यापक लक्षणों एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रश्न होंगे।

  • आर्थिक एवं सामाजिक विकास- सतत विकास, गरीबी अन्तर्विष्ट जनसांख्यिकीय, सामाजिक क्षेत्र के पहल आदि

अभ्यर्थियों की जानकारी का परीक्षण जनसंख्या, पर्यावरण तथा नगरीकरण की समस्याओं तथा उनके संबंधों के परिप्रेक्ष्य में किया जाएगा।पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दों पर विशेषज्ञता की उम्मीद नहीं की जाती अपितु उम्मीदवारों से विषय की सामान्य जागरूकता अपेक्षित है।

  • सामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान के प्रश्न दैनिक अनुभव तथा प्रेक्षण से संबंधित विषयों सहित विज्ञान के सामान्य परिबोध एवं जानकारी पर आधारित होंगे, जिसकी किसी भी सुशिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा की जा सकती है, जिसने वैज्ञानिक विषयों का विशेष अध्ययन नहीं किया है।

नोटः अभ्यर्थियों से यह अपेक्षित होगा कि उत्तर प्रदेश के विशेष परिप्रेक्ष्य में उपर्युक्त विषयों का उन्हें सामान्य जानकारी हो।

प्रश्नपत्र- II सामान्य अध्ययन- II (CSAT)

अवधि: दो घंटे

अंक -200

  • काम्प्रिहेन्सन (विस्तारीकरण)
  • अन्तर्वैयक्तिक क्षमता जिसमें सम्प्रेषण कौशल भी समाहित होगा।
  • तार्किक एवं विश्लेषणात्मक योग्यता।
  • निर्णय क्षमता एवं समस्या समाधान।
  • सामान्य बौद्धिक योग्यता।
  • प्रारम्भिक गणित हाईस्कूल स्तर तक- अंकगणित, बीजगणित, रेखागणित व सांख्यिकी।
  • सामान्य अंग्रेजी हाईस्कूल स्तर तक।
  • सामान्य हिन्दी हाईस्कूल स्तर तक।
  • प्रारम्भिक गणित (हाईस्कूल स्तर तक) के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किए जाने वाले विषय

प्रारंभिक गणित (दसवीं कक्षा तक)

  1. अंक गणित
  • संख्या पद्धतिः प्राकृतिक, पूर्णांक, परिमेय-अपरिमेय एवं वास्तविक संख्याएं, पूर्णांक संख्याओं के विभाजक एवं अविभाज्य पूर्णांक संख्याएं। पूर्णांक संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्त्य तथा उनमें सम्बन्ध।
  • औसत
  • अनुपात एवं समानुपात
  • प्रतिशत
  • लाभ-हानि
  • ब्याज- साधारण एवं चक्रवृद्धि
  • काम तथा समय
  • चाल, समय तथा दूरी
  1. बीज गणित

(i) बहुपद के गुणनखण्ड, बहुपदों का लघुत्तम समापवर्तय एवं महत्तम समापवर्तय एवं उनमें सम्बन्ध, शेषफल प्रमेय, सरल युगपत समीकरण, द्विघात समीकरण

(ii) समुच्चय सिद्धान्तः समुच्चय, उप समुच्चय, उचित उपसमुच्चय, रिक्त समुच्चय, समुच्चयों के बीच संक्रियाएँ (संघ, प्रतिछेद, अन्तर, समिमित अंतर), बेन-आरेख

  1. रेखागणित

(ii) त्रिभुज, आयत, वर्ग, समलम्ब चतुर्भुज, वृत्त की रचना एवं उनके गुण सम्बन्धी प्रमेय तथा परिमाप एवं उनके क्षेत्रफल,

  • गोला, समकोणीय वृत्ताकार बेलन, समकोणीय वृत्ताकार शंकु तथा घन के आयतन एवं पृष्ठ क्षेत्रफल।
  1. सांख्यिकी

आंकड़ों का संग्रह, आंकड़ों का वर्गीकरण, बारम्बारता, बारम्बारता बंटन, सारणीयन, संचयी बारम्बारता, आंकड़ों का निरूपण, दण्डचार्ट, पाई चार्ट, आयत चित्र, बारम्बारता बहुभुज, संचयी बारम्बारता।

वक्र, केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप- समान्तर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक।

सामान्य अंग्रेजी (दसवीं कक्षा तक)

  • Comprehension
  • Active Voice and Passive Voice
  • Parts of Speech
  • Transformation of Sentences
  • Direct and Indirect Speech
  • Punctuation and Spellings
  • Words meanings
  • Vocabulary &Usage
  • Idioms and Phrases
  • Fill in the Blanks

सामान्य हिन्दी (हाईस्कूल स्तर तक) के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किए जाने वाले विषय

  • हिन्दी वर्णमाला, विराम चिन्ह
  • शब्द रचना, वाक्य रचना, अर्थ
  • शब्द-रूप
  • संधि, समास
  • क्रियाएँ
  • अनेकार्थी शब्द
  • विलोम शब्द
  • पर्यायवाची शब्द
  • मुहावरे एवं लोकोक्तियां
  • तत्सम एवं तद्भव, देशज, विदेशी (शब्द भंडार)
  • वर्तनी
  • अर्थबोध
  • हिन्दी भाषा के प्रयोग में होने वाली अशुद्धियाँ
  • उ0प्र0 की मुख्य बोलियाँ

मुख्य परीक्षा (लिखित) पाठ्यक्रम

सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य विषय

विषय अधिकतम अंक
सामान्य हिन्दी
150 अंक
निबंध
150 अंक
सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र-I)
200 अंक
सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र-II)
200 अंक
सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र-III)
200 अंक
सामान्य अध्ययन (प्रश्नपत्र-IV)
200 अंक

चयन प्रक्रिया

पीसीएस (संयुक्त राज्य/प्रवरअधीनस्थ सेवा), सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) के लिए यूपी पीसीएस चयन प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार) तथा मुख्य परीक्षा (पारंपरिक प्रकार, अर्थात लिखित परीक्षा) पर आधारित होगा।

अनिवार्य विषय

  • सामान्य हिंदी, निबंध और सामान्य अध्ययन (प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ प्रश्नपत्र ) परंपरागत प्रकार के होंगे और निर्धारित समय तीन घंटे होगा।
  • प्रत्येक वैकल्पिक प्रश्न पत्र के लिए तीन घंटे तथा अधिकतम 200 अंक आवंटित किए गए हैं।
  • परीक्षा दो पाली में सुबह 9.30 से 12.30 बजे और दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।

अनिवार्य प्रश्नपत्रों के पाठ्यक्रम

प्रश्नपत्र 1 सामान्य हिन्दी

  • दिए हुए गद्य खण्ड का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर।
  • संक्षेपण।
  • सरकारी एवं अर्धसरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अधिसूचना, परिपत्र।
  • शब्द ज्ञान एवं प्रयोग। (अ) उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग, (ब) विलोम शब्द, (स) वाक्यांश के लिए एकशब्द, (द) वर्तनी एवं वाक्य शुद्धि।
  • लोकोक्ति एवं मुहावरे।

प्रश्नपत्र 2 निबंध

  • निबंधके प्रश्न पत्र में तीन खंड होंगे।
  • उम्मीदवारों को प्रत्येक खंड से एक विषय का चयन करना होगा और उन्हें प्रत्येक विषय पर 700 शब्दों में निबंध लिखना होगा।
  • इन तीन खंडों मेंनिबंध के विषय निम्नलिखित क्षेत्रों पर आधारित होंगे-

खंड A

  • साहित्य और संस्कृति
  • सामाजिक क्षेत्र
  • राजनीतिक क्षेत्र

खंड B

  • विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी
  • आर्थिक क्षेत्र
  • कृषि, उद्योग और व्यापार

खंड C

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ
  • प्राकृतिक आपदा, भूस्खलन, भूकंप, अतिवृष्टि, सूखा आदि
  • राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम और परियोजनाएँ

प्रश्नपत्र 3 – सामान्य अध्ययन- I

  • भारतीय संस्कृति के इतिहास में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला प्रारूप, साहित्य एवं वास्तुकला के महत्त्वपूर्ण पहलू शामिल होंगे।
  • आधुनिक भारतीय इतिहास (1757 ई. से 1947 ई. तक): महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व एवं समस्याएं आदि।
  • स्वतंत्रता आंदोलन-इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति तथा उनका योगदान।
  • देश के भीतर स्वतंत्रता के बाद का एकीकरण और पुनर्गठन (1965 ई. तक)
  • विश्व इतिहास में 18वीं शताब्दी से 20वीं शताब्दी के मध्य तक की घटनाएं शामिल होंगी जैसे- 1789 की फ्रांसीसी क्रांति, औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनर्विकास, समाजवाद, नाजीवाद, फासीवाद आदि-उनके रूप और समाज पर प्रभाव।
  • समाज और महिला संगठनों में महिलाओं की भूमिका, जनसंख्या तथा सम्बद्ध समस्याएं, गरीबी और विकासात्मक मुद्दे, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।
  • उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण का अर्थ और अर्थव्यवस्था, राजनीति और सामाजिक संरचना पर इनके प्रभाव।
  • सामाजिक सशक्तीकरण, सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।
  • विश्व के प्रमुख संसाधनों का वितरण- जल, मिट्टियाँ एवं दक्षिण पूर्व एशिया में (भारत के विशेष सन्दर्भ में)।
  • भौतिक भूगोल की प्रमुख विशेषताएं- भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय गतिविधि, चक्रवात, महासागरीय धाराएँ, हवाएँ और हिमनद।
  • मानव प्रवास – विश्व की शरणार्थी समस्या – भारत उपमहाद्वीप के सन्दर्भ में।
  • जनसंख्या एवं अधिवास – प्रकार और पैटर्न, शहरीकरण, स्मार्ट शहर और स्मार्ट गांव।
  • उत्तर प्रदेश का विशिष्ट ज्ञान – इतिहास, संस्कृति, कला, वास्तुकला, महोत्सव, लोक-नृत्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषाएँ, विरासत, सामाजिक रीति-रिवाज एवं पर्यटन।
  • उत्तर प्रदेश का विशेष ज्ञान – भूगोल- मानव और प्राकृतिक संसाधन, जलवायु, मिट्टी, वन, वन्य-जीवन, खान और खनिज, सिंचाई के स्रोत।

प्रश्नपत्र 4 – सामान्य अध्ययन- II

  • भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और आधारभूत संरचना, संविधान के मूल प्रावधानों के विकास में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका।
  • संघ और राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व : संघीय ढांचे से संबंधित विषय और चुनौतियांतथा स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियां।
  • केंद्र – राज्य वित्तीय संबंधों में वित्त आयोग की भूमिका।
  • शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र और संस्थान।वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्रों का उदय एवं उनका प्रयोग।
  • अन्य प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के साथ भारतीय संवैधानिक योजना की तुलना।
  • संसद और राज्य विधानसभाएं- संरचना, कार्य संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार तथा संबंधित विषय।
  • कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्यप्रणाली: सरकार के मंत्रालय और विभाग, दबाव समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संगठन जनहित याचिका (PIL)।
  • जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं।
  • विभिन्न संवैधानिक पदों की शक्तियां, कार्य, नियुक्ति तथा उनके उत्तरदायित्व।
  • सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय जिनमें नीति आयोगशामिल है,की विशेषताएं और कार्यप्रणाली।
  • सरकारी नीतियों औरविभिन्न क्षेत्रों के लिए विकास से संबंधित हस्तक्षेप उनके अभिकल्पन तथा, कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय एवं सूचना संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी)।
  • विकास प्रक्रियाएँ- गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), विभिन्न समूहों और संघों, दानदाताओं, दान, संस्थागत और अन्य हितधारकों की भूमिका।
  • केंद्र और राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और इन योजनाओं का कार्य निष्पादन, इन अतिसंवेदनशील वर्गों की सुरक्षा और बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान और निकाय।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित मुद्दे।
  • गरीबी और भुखमरी से संबंधित विषय एवं राजनैतिक व्यवस्था के लिए इनके निहितार्थ।
  • शासन के महत्वपूर्ण पहलू।पारदर्शिता और जवाबदेही, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और क्षमता, नागरिकचार्टर्स और संस्थागत उपाय।
  • लोकतंत्र में उभरती हुई प्रवृत्तियों के संदर्भ में सिविल सेवाओं की भूमिका।
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और / अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
  • भारत के हितों और अप्रवासी भारतीयों पर विकसित और विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव।
  • महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ, उनकी संरचना, अधिदेश तथा उनकी कार्यप्रणाली।
  • उत्तर प्रदेश के राजनीतिक, प्रशासनिक, राजस्व और न्यायिक प्रणाली के बारे में विशिष्ट जानकारी।
  • क्षेत्रीय, राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक घटनाक्रम।

प्रश्नपत्र 5 – सामान्य अध्ययन- III

  • भारत में आर्थिक नियोजन, उद्देश्य और उपलब्धियाँ। नीति आयोगकी भूमिका, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs)का उद्देश्य।
  • गरीबी, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से संबंधित मुद्दे।
  • सरकारी बजट और वित्तीय प्रणाली के घटक।
  • प्रमुख फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई और सिंचाई प्रणाली, कृषि उपज का भंडारण, परिवहन और विपणन, किसानों की सहायता में ई-तकनीक की भूमिका।
  • प्रत्यक्ष तथाअप्रत्यक्ष कृषि सब्सिडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित मुद्दे, सार्वजनिक वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कामकाज, सीमाएं, पुनर्मूल्यांकन, बफर स्टॉक और खाद्य सुरक्षा के मुद्दे, कृषि में प्रौद्योगिकी मिशन।
  • भारत में खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित उद्योग- विस्तार और महत्व, स्थान, अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम आवश्यकताएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।
  • अर्थव्यवस्था पर उदारीकरण और वैश्वीकरण के प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन।
  • अवसंरचना : ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, हवाई अड्डे, रेलवे आदि।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी-विकास और रोज़मर्रा के जीवनतथा राष्ट्रीय सुरक्षा में अनुप्रयोग, भारत की विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति।
  • नई प्रौद्योगिकियों के विकास के डिजिटलीकरण, प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण तथा प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां।
  • सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, ऊर्जा संसाधन, नैनो- प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव- बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) और डिजिटल अधिकारों से संबंधित मुद्दों के क्षेत्र में जागरूकता।
  • पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण प्रदूषण और न्यूनीकरण, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन।
  • गैर-पारंपरिक सुरक्षा और सुरक्षा चुनौती, आपदा न्यूनीकरण।
  • अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित चुनौतियाँ: परमाणु प्रसार के मुद्दे, चरमपंथ के कारण और प्रसार, संचार नेटवर्क, मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग की भूमिका, साइबर सुरक्षा की मूल बातें, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी।
  • भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां: आतंकवाद, भ्रष्टाचार, उग्रवाद और संगठित अपराध।
  • भारत में सुरक्षा बलों, उच्चतर रक्षा संगठनों की भूमिका, उनके प्रकार तथा जनादेश।
  • उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था से संबंधित विशिष्ट जानकारी।
  • उत्तर प्रदेश अर्थव्यवस्था का अवलोकन: राज्य के बजट।कृषि, उद्योग, अवसंरचना और भौतिक संसाधनों का महत्व।
  • मानव संसाधन और कौशल विकास।सरकारी कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएँ।
  • कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन से जुड़ी समस्याएं।
  • उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में कानून और व्यवस्था तथा नागरिक सुरक्षा।

प्रश्नपत्र 6: सामान्य अध्ययन- IV

  • नीति शास्त्र तथा मानवीय अंत- संबंध, मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सारतत्व, इसके निर्धारक और परिणाम : नीति शास्त्र के आयाम, निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र।
  • मानवीय मूल्य-महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन और उपदेशों से शिक्षा, मूल्यों को विकसित करने मेंपरिवार, समाज और शैक्षिक संस्थानों की भूमिका।
  • अभिवृत्ति – अंतर्वस्तु, संरचना, कार्य, विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध, नैतिक एवं राजनीतिक अभिरुचि, सामाजिक प्रभाव और सहमति पैदा करना।

सिविल सेवा के लिए अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा निष्पक्षता तथा गैर-तरफदारी, वस्तुनिष्ठता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा करुणा।

  • संवेगात्मक बुद्धि – अवधारणाएँ और आयाम, प्रशासन और शासन में इसकी उपयोगिता और अनुप्रयोग।
  • लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा के मूल्य तथा नीति शास्त्र – स्थिति और समस्याएँ, सरकारी और निजी संस्थानों में नैतिक सरोकारतथा दुविधाएं, कानूनों, नियमों, विनियमों और विवेक के रूप में नैतिक मार्गदर्शन, जवाबदेही और नैतिक शासन, शासन में नैतिक मूल्यों को मजबूत करना, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और वित्तपोषण में नैतिक मुद्दे, कॉर्पोरेट शासन व्यवस्था।
  • शासन व्यवस्था में ईमानदारी – लोक सेवा की अवधारणा, शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक-निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार और चुनौतियाँ।
  • उपर्युक्त विषयों पर मामलों से संबंधित अध्ययन (केस स्टडी)

वैकल्पिक विषय

निम्नलिखित विषयों के पाठ्यक्रम

  1. कृषि
  2. जीव विज्ञान
  3. रसायन विज्ञान
  4. भौतिक विज्ञान
  5. गणित
  6. भूगोल
  7. अर्थशास्त्र
  8. समाज शास्त्र
  9. दर्शन शास्त्र
  10. भूगर्भशास्त्र
  11. मनोविज्ञान
  12. वनस्पति विज्ञान
  13. विधि
  14. पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान
  15. सांख्यिकी
  16. प्रबंधन
  17. राजनीति शास्त्र तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध
  18. इतिहास
  19. मानव विज्ञान
  20. सिविल इंजीनियरिंग
  21. मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  22. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  23. अंग्रेजी साहित्य
  24. उर्दू साहित्य
  25. अरबी साहित्य
  26. हिन्दी साहित्य
  27. फ़ारसी
  28. संस्कृत साहित्य
  29. वाणिज्य और लेखा
  30. लोक प्रशासन
  31. कृषि इंजीनियरिंग
  32. चिकित्सा विज्ञान

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